Jatak Katha in Hindi Akal ke Bina Nakal Story

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Jatak Katha in Hindi Akal ke Bina Nakal Story (Akal Ke Bina Nakal story jatak katha in Hindi) अक्ल के बिना नक़ल (जातक कथा)

एक बार की बात है एक देश में अकाल पड़ गया। पानी की कमी से सारी फसलें नष्ट होने लगी। देशवासी अपने लिए एक वक्त की रोटी भी नहीं जुटा पा रहे थे। ऐसे समय में कौवों को रोटी के टुकड़े मिलने बंद हो गए। वे  भोजन की तलाश में जंगल की ओर उड़ चले। Jatak Katha in Hindi Akal ke Bina Nakal Story+

उनमें से एक कौवा-कौवी ने पेड़ पर अपना बसेरा कर लिया। उस पेड़ के नीचे एक तालाब था जिसमें जल कौवा रहता था। वह पूरे दिन पानी में खड़े रहकर कभी मछलियाँ पकड़ता, कभी पानी की सतह पर पंख फैलाकर लहरों के साथ नाचता नजर आता। वह जल कौवा बहुत ही विचित्र और अद्भुत था

पेड़ पर बैठे कौए ने सोचा- मेरा तो भूख से हाल बेहाल है और यह चार-चार मछलियाँ एक साथ गटक कर खुशहाली में जी रहा है। यदि इससे दोस्ती कर लूँ तो मुझे मछलियाँ खाने को जरूर मिलेंगी और मेरा भी जीवन आनंद से भर जाएगा।

Jatak Katha in Hindi Akal ke Bina Nakal Story

वह उड़कर तालाब के किनारे गया और शहद-सी मीठी बोली में कहने लगा- friend, तुम तो बहुत healthy हो। पलक झपकते ही मछली को अपनी चोंच में फँसा लेते हो, मुझे भी ऐसा talented बना दो?

जल कौवा बोला, “भाई तुम सीखकर क्या करोगे?… तुम्हें मछलियाँ ही तो खानी हैं। मैं तुम्हारे लिए पकड़ दिया करुँगा और तुम खा लिया करो।

उस दिन के बाद से जलकौवा ढेर सारी मछलियाँ पकड़ता, कुछ खुद खाता और कुछ अपने friend के लिए किनारे पर रख देता। कौवा उन्हें चोंच में दबाकर पेड़ पर जा बैठता और कौवी के साथ स्वाद ले लेकर खाता।

कुछ दिनों के बाद कौवे ने सोचा- मछली पकड़ने में है ही क्या! मैं भी पकड़ सकता हूँ। अधिक दिनों तक जल कौवे की कृपा पर पलना ज्यादा ठीक नहीं।

Jatak Katha in Hindi Akal ke Bina Nakal Story

ऐसा मन में ठानकर वह पानी में उतरने लगा। उसे देख कर जल कौवा बोला, अरे दोस्त! यह क्या कर रहे हो? तुम पानी में मत जाओ। तुम थल कौवा हो, जल कौवा नहीं। तुम जल में मछली पकड़ने के दाँव-पेंच नहीं जानते, मुसीबत में पड़ जाओगे।

यह तुम नहीं, तुम्हारा अभिमान बोल रहा है। मैं अभी मछली पकड़कर दिखाता हूँ क्योंकि मैं भी तुम जैसा talented हूँ। कौवे ने अकड़ कर कहा।

कौवा छपाक से पानी में घुस गया, पर ऊपर न निकल सका। तालाब में काई जमी हुई थी। काई में छेद करने का उसे experience नहीं था। उस बेचारे ने उसमें छेद करने की कोशिश भी की, ऊपर से थोड़ी-सी चोंच दिखाई दे रही थी, पर निकलने के लिए बड़ा-सा छेद होना था। नतीजतन थोड़ी देर बाद उसका अंदर ही अंदर दम घुटने लगा और वह मर गया।

कौवी कौवे को ढूँढती हुई जल कौवे के पास आई और अपने पति के बारे में पूछने लगी। – बहन, कौवा मेरी नकल करता हुआ पानी में मछली पकड़ने उतर पड़ा और प्राणों से हाथ धो बैठा। उसने यह नहीं सोचा कि, मैं जल वासी हूँ और जमीन पर भी चल सकता हूँ, पर वह केवल थलवासी है। मैंने उसे बहुत समझाया, पर उसने एक न सुनी।

कहानी की सीख : नकल के लिए भी तो अक्ल चाहिए।

Moral of the Story: Don’t Copy Someone Until you have got Enough Experience.

To Know about Quotes on Wife/ Better Half in Hindi- Click Here

Article अच्छा लगने पर Share करें और अपनी प्रतिक्रिया Comment के रूप में अवश्य दें, जिससे हम और भी अच्छे लेख आप तक ला सकें। यदि आपके पास कोई लेख, कहानी, किस्सा हो तो आप हमें भेज सकते हैं, पसंद आने पर लेख आपके नाम के साथ Bhannaat.com पर पोस्ट किया जाएगा, अपने सुझाव आप Wordparking@Gmail.Com पर भेजें, साथ ही Twitter@Bhannaat पर फॉलो करें।

धन्यवाद !!!


Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *