Geeta Shlok In Hindi And Sanskrit

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Geeta Shlok In Hindi And SanskritGeeta Shlok In Hindi And Sanskrit

भागवत में लिखी ये 10 भयंकर बातें कलयुग में हो रही हैं सच… (Bhaagwat Katha ke Mukhya Shlok in Hindi) Geeta Shlok In Hindi And Sanskrit

1. लिङ्‌गं एवाश्रमख्यातौ अन्योन्यापत्ति कारणम्। अवृत्त्या न्यायदौर्बल्यंपाण्डित्ये चापलं वचः॥

 

घूस देने वाले व्यक्ति ही न्याय पा सकेंगे और जो धन नहीं खर्च पाएगा उसे न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खानी होंगी। स्वार्थी और चालाक लोगों को कलयुग में विद्वान माना जाएगा।

Only briber will get the justice, and moderate people will roam for justice, selfish and clever people will be considered as wise.

2. आच्छिन्नदारद्रविणायास्यन्ति गिरिकाननम्। शाकमूलामिषक्षौद्र फलपुष्पाष्टिभोजनाः॥

पृथ्वी के लोग अत्यधिक कर और सूखे के वजह से घर छोड़ पहाड़ों पे रहने के लिए मजबूर हो जाएँगे।कलयुग में ऐसा वक़्त आएगा जब लोग पत्ते, मांस, फूल और जंगली शहद जैसी चीज़ें खाने को मजबूर होंगे।

Some People will be forced to live at mountain due to high taxes and famine. People will die to eat leaves, flesh, flower, and honey. 

3. दाम्पत्येऽभिरुचि र्हेतुःमायैव व्यावहारिके। स्त्रीत्वे पुंस्त्वे च हि रतिःविप्रत्वे सूत्रमेव हि॥

कलयुग में स्त्री-पुरुष बिना विवाह के केवल रूचि के अनुसार ही रहेंगे।

व्यापार की सफलता के लिए मनुष्य छल करेगा और ब्राह्मण सिर्फ नाम के होंगे।

People live without marriage according to their interest, men cheat for the profit in business, priests will shrink to the name only.

Geeta Shlok In Hindi And Sanskrit

4. ततश्चानुदिनं धर्मःसत्यं शौचं क्षमा दया। कालेन बलिना राजन्नङ्‌क्ष्यत्यायुर्बलं स्मृतिः॥

कलयुग में धर्म, स्वच्छता, सत्यवादिता, स्मृति, शारीरक शक्ति, दया भाव और जीवन की अवधि दिन-ब-दिन घटती जाएगी।

Cleanliness, truth, memory, health, pity, life span and day duration will continue to decrease in modern world.

5. दाक्ष्यं कुटुंबभरणंयशोऽर्थे धर्मसेवनम्। एवं प्रजाभिर्दुष्टाभिःआकीर्णे क्षितिमण्डले॥

लोग सिर्फ दूसरों के सामने अच्छा दिखने के लिए धर्म-कर्म के काम करेंगे। कलयुग में दिखावा बहुत होगा और पृथ्वी पे भ्रष्ट लोग भारी मात्रा में होंगे। लोग सत्ता या शक्ति हासिल करने के लिए किसी को मारने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

People will only do good deeds to impress others. Only show off will be there and corrupt people will be on earth. People will be ready to kill to gain power.

6. दूरे वार्ययनं तीर्थंलावण्यं केशधारणम्। उदरंभरता स्वार्थः सत्यत्वेधार्ष्ट्यमेव हि॥

लोग दूर के नदी-तालाबों और पहाड़ों को तीर्थ स्थान की तरह जायेंगे लेकिन अपनी ही माता पिता का अनादर करेंगे। सर पे बड़े बाल रखना खूबसूरती मानी जाएगी और लोग पेट भरने के लिए हर तरह के बुरे काम करेंगे।

People will visit rivers, ponds and mountains as pilgrims but they will disrespect their own parents. Long hair will be the symbol of beauty and people will do wrong deeds to fill their stomach.

7. अनावृष्ट्या विनङ्‌क्ष्यन्ति दुर्भिक्षकरपीडिताः। शीतवातातपप्रावृड्हिमैरन्योन्यतः प्रजाः॥

 

कलयुग में बारिश नहीं पड़ेगी और हर जगह सूखा होगा। मौसम बहुत विचित्र अंदाज़ ले लेगा। कभी तो भीषण सर्दी होगी तो कभी असहनीय गर्मी। कभी आंधी तो कभी बाढ़ आएगी और इन्ही परिस्थितियों से लोग परेशान रहेंगे।

No rain will be there, land will be dry, weather will be unfavourable, sometimes there will be byting cold and sometimes unendurable warmth. Sometimes there will be taifoon and sometimes flood. People won’t bear these conditions.

Hindi And Sanskrit Geeta Shlok

8. अनाढ्यतैव असाधुत्वेसाधुत्वे दंभ एव तु। स्वीकार एव चोद्वाहेस्नानमेव प्रसाधनम्॥

कलयुग में जिस व्यक्ति के पास धन नहीं होगा उसे लोग अपवित्र, बेकार और अधर्मी मानेंगे। विवाह के नाम पे सिर्फ समझौता होगा और लोग स्नान को ही शरीर का शुद्धिकरण समझेंगे।

People who won’t have wealth will be considered as impure, useless and non religious and they will purify themselves by taking bath.

9. क्षुत्तृड्भ्यां व्याधिभिश्चैवसंतप्स्यन्ते च चिन्तया। त्रिंशद्विंशति वर्षाणि परमायुःकलौ नृणाम।

कलयुग में लोग कई तरह की चिंताओं में घिरे रहेंगे। लोगों को कई तरह की चिंताए सताएंगी और बाद में मनुष्य की उम्र घटकर सिर्फ 20-30 साल की रह जाएगी।

People will surmounted by many worldly problems, they bothered by many tensions as a result human life span will decrease to 20-30.

10. वित्तमेव कलौ नॄणां जन्माचारगुणोदयः। धर्मन्याय व्यवस्थायांकारणं बलमेव हि॥

 

कलयुग में वही व्यक्ति गुणी माना जाएगा जिसके पास ज्यादा धन है। न्याय और कानून सिर्फ एक शक्ति के आधार पे होगा।

The quality of a men will be judged by the wealth of a person, justice and law will also depend on power.

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